सुबह दफ्तर के लिए निकलते वक्त आपने बटन दबाया या किक मारी, और इंजन ने कोई जवाब ही नहीं दिया। अगर आपकी बाइक स्टार्ट नहीं हो रही, तो मैकेनिक को बुलाने से पहले कई जांचें आप खुद कर सकते हैं, और उनमें से कुछ पर एक रुपया भी खर्च नहीं होता।
इस लेख में 6 कारण हैं, आसान जांच से कठिन की ओर: साइड स्टैंड व किल स्विच, बैटरी, पेट्रोल की सप्लाई, स्पार्क प्लग, एयर फिल्टर और स्टार्टर सिस्टम। हर कारण के साथ पहचान, समाधान और यह भी कि मैकेनिक के पास कब जाना है।
ये जानकारी कहां से आई है: यह एक सामान्य गाइड है, किसी एक कंपनी के मैनुअल पर आधारित नहीं। कार्ब्यूरेटर या fuel injection, सेल्फ-स्टार्ट या सिर्फ किक, इनके हिसाब से पुर्ज़ों की जगह और प्रक्रिया बदल जाती है, इसलिए अपनी बाइक की मालिक-पुस्तिका से ज़रूर मिलाइए। लेख में लेखक का निजी अनुभव शामिल नहीं है।
बाइक स्टार्ट नहीं हो रही हो तो जांच से पहले क्या करें
चाबी बंद करें और इंजन को ठंडा होने दें। पेट्रोल के आसपास आग या सिगरेट बिल्कुल नहीं। बैटरी या तारों को छूने से पहले चाबी निकाल लें। बाइक को समतल जगह पर मुख्य स्टैंड पर खड़ी करें। आगे के कारण इसी क्रम में देखिए, क्योंकि ऊपर वाले कारण सबसे सस्ते और आसान हैं।
1. साइड स्टैंड, किल स्विच और क्लच
कई बाइक में सुरक्षा के लिए ऐसे स्विच होते हैं कि स्टैंड नीचे हो या गियर लगा हो, तो इंजन चालू ही नहीं होता। पहचान यह है कि डैशबोर्ड की लाइट जलती है, पर बटन दबाने पर मोटर बिल्कुल नहीं घूमती।
समाधान: साइड स्टैंड पूरा ऊपर करें, किल स्विच को RUN पर रखें, गियर न्यूट्रल में लाएं (हरी N लाइट देखें) और फिर बटन दबाएं। कुछ मॉडल में क्लच दबाना भी ज़रूरी होता है, कुछ में नहीं, इसलिए मैनुअल देखें।
ये सब ठीक हों और फिर भी कुछ न हो, तो स्विच खराब हो सकता है। तार जोड़कर इसे बायपास मत कीजिए, इससे सुरक्षा व्यवस्था हट जाती है। यह जांच बहुत पुरानी बाइक पर लागू नहीं होती, जिनमें ये स्विच होते ही नहीं।
2. बैटरी या ढीले टर्मिनल
पहचान: हॉर्न धीमा बजता है, हेडलाइट मंद है, या बटन दबाने पर सिर्फ “टक-टक” सुनाई देती है। जो बाइक कई दिन खड़ी रहती है, उसकी बैटरी धीरे-धीरे उतर जाती है, और ठंड में कमज़ोर बैटरी की दिक्कत ज़्यादा दिख सकती है।
समाधान: चाबी बंद करके टर्मिनल देखें। सफेद या हरा जमाव हो, तो उसे साफ करें और टर्मिनल कसकर लगाएं। बैटरी बहुत उतरी हो, तो उसे चार्ज कराना पड़ेगा। किक वाली बाइक हो, तो किक से भी चालू करके देखिए।
अगर बैटरी बार-बार उतर रही है, तो समस्या बैटरी में नहीं, चार्जिंग सिस्टम में भी हो सकती है। यह जांच मैकेनिक के पास ही कराइए।
3. पेट्रोल की सप्लाई
पहचान: मोटर घूमती है, पर इंजन पकड़ता नहीं, और टंकी हल्की है। कार्ब्यूरेटर वाली कई बाइक में पेट्रोल कॉक (ON, RES, OFF) होता है, और वह OFF पर रह गया हो तो पेट्रोल पहुंचता ही नहीं। फ्यूल गेज भी हमेशा सही नहीं दिखाता।
समाधान: कॉक को ON या RES पर करें, बाइक को हल्का हिलाकर देखें, और ज़रूरत हो तो थोड़ा पेट्रोल डलवाएं। जो बाइक लंबे समय खड़ी रही है, उसमें पुराना पेट्रोल भी रुकावट बन सकता है।
fuel injection वाली बाइक में फ्यूल पंप और फिल्टर तक खुद न पहुंचें। वहां पेट्रोल लाइन पर दबाव रहता है, इसलिए यह काम मैकेनिक का है।
4. स्पार्क प्लग
पहचान: बैटरी ठीक है, पेट्रोल है, फिर भी इंजन नहीं पकड़ता। कई बार पहले से ही इंजन झटके देता है या पिकअप ढीला लगता है।
समाधान: ठंडे इंजन में सही सॉकेट से प्लग निकालें। वह काला, तेल से भीगा या गीला दिखे, तो उसे साफ करके सुखाएं। प्लग की कैप सही बैठी है या नहीं, यह भी देखें। घिसा हो, तो अपने मॉडल का ही प्लग लगाइए।
प्लग को सिलेंडर से टिकाकर चिंगारी देखने का तरीका आम है, पर उसमें बिजली के झटके और पेट्रोल की भाप का खतरा है। इसलिए चिंगारी की जांच मैकेनिक पर छोड़िए।
5. एयर फिल्टर और ज़्यादा पेट्रोल (फ्लडिंग)
पहचान: बार-बार स्टार्ट की कोशिश के बाद पेट्रोल की गंध आती है और प्लग गीला मिलता है। ऐसा तब होता है जब इंजन में हवा के मुकाबले ज़्यादा पेट्रोल पहुंच जाए। धूल से भरा एयर फिल्टर भी हवा रोककर यही हालत बना सकता है।
समाधान: कुछ मिनट रुककर इंजन को सांस लेने दें। एयर फिल्टर धूल से भरा हो, तो साफ करें या बदलें। कार्ब्यूरेटर वाली बाइक में कई गाइड स्टार्ट करते वक्त थ्रॉटल पूरा खोलने को कहते हैं, पर fuel injection वाली में मैनुअल का तरीका ही मानिए।
एक बात याद रखिए: बटन को कुछ सेकंड से ज़्यादा लगातार दबाने से बैटरी और स्टार्टर, दोनों पर बोझ पड़ता है। कोशिशों के बीच ठहराव दीजिए।
6. स्टार्टर मोटर, रिले और फ्यूज
पहचान: बैटरी ठीक है, हॉर्न और लाइट सामान्य हैं, पर बटन दबाने पर सिर्फ क्लिक सुनाई देती है या कुछ भी नहीं होता।
समाधान: फ्यूज बॉक्स खोलकर देखें कि कोई फ्यूज उड़ा तो नहीं। उड़ा हो, तो उसी रेटिंग का नया फ्यूज लगाइए। बड़ी रेटिंग का फ्यूज कभी नहीं, क्योंकि तारों में आग लगने का खतरा रहता है।
स्टार्टर मोटर या रिले खराब हो, तो खुद खोलने की कोशिश न करें। किक वाली बाइक हो, तो किक मारकर मैकेनिक तक पहुंचा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाइक स्टार्ट नहीं हो रही तो सबसे पहले क्या करें?
साइड स्टैंड ऊपर करें, किल स्विच RUN पर रखें और गियर न्यूट्रल में लाएं। इसके बाद पेट्रोल कॉक और बैटरी देखिए। ये तीनों जांच बिना औज़ार के हो जाती हैं।
सेल्फ स्टार्ट नहीं चल रहा, पर किक से बाइक चालू हो रही है, क्यों?
इसका मतलब आम तौर पर पेट्रोल और स्पार्क ठीक हैं, और दिक्कत बैटरी, फ्यूज, रिले या स्टार्टर में है। पहले बैटरी और फ्यूज देखिए।
क्या धक्का लगाकर बाइक स्टार्ट करना ठीक है?
कई मॉडल में मैनुअल इसकी सलाह नहीं देता, खासकर fuel injection वाली बाइक में। पहले मैनुअल देखिए। बार-बार धक्के से बचना ही बेहतर है, असली कारण ढूंढिए।
निष्कर्ष
इन 6 कारणों में से पहले तीन, यानी स्टैंड-स्विच, बैटरी और पेट्रोल, बिना औज़ार के जांचे जा सकते हैं, इसलिए मैकेनिक को फोन करने से पहले उन्हें ही देखिए। प्लग, फिल्टर और स्टार्टर पर रुककर किसी जानकार की राय लीजिए। अगली बार सुबह इंजन चुप रहे, तो घबराइए मत, ऊपर से नीचे क्रम में जांचिए।